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चॉद मे फीकी रही सात निश्चय योजना, गन्दगी में रहने को मजबूर लोग



कैमूर टॉप न्यूज़,चांद: गांव के विकास कार्यों की जिम्मेदारी अब सिर्फ मुखिया की ही नहीं बल्कि सरकार क भी है है .सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए पंचायत के हर वार्ड सदस्य को विकास कार्यों में सहयोगी बनाने का निर्णय लिया था. मुख्यमंत्री के सात निश्चय में राज्य के एक लाख 14 हजार 733 वार्ड सदस्यों को भागीदार बनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री गली-नाली पक्कीकरण निश्चय योजना का क्रियान्वयन अब इन वार्ड सदस्यों के माध्यम से किया जायेगा. पंचायती राज विभाग ने इसका निर्णय ले लिया है. 

 ग्राम सभा के सदस्य करेंगे निर्णय 
विभाग का निर्णय है कि योजनाओं का चयन वार्ड सभा और ग्राम सभा के द्वारा किया जायेगा. योजना का कार्यान्वयन वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में समिति गठित कर ग्राम पंचायतों द्वारा कराया जायेगा. राज्य में 8391 पंचायतें हैं. सामाजिक-आर्थिक व जाति आधारित जनगणना 2011 के आधार पर एक पंचायत के एक वार्ड की औसत अनुमानित आबादी करीब 967 होती है. इसके अनुसार प्रति वार्ड में घरों की संख्या 155 औसतन है. इन घरों तक गली-नाली का निर्माण किया जाना है. पंचायती राज विभाग द्वारा हर पंचायत में नल का जल की दोनों योजनाओं के कार्यान्वयन पर प्रति पंचायत एक करोड़ 69 लाख 82 हजार रुपये खर्च का अनुमान तैयार किया गया है. 

प्रॉक्कलन तैयार किया जाना था
 इसके लिए मानकों का प्रॉक्कलन तैयार किया जाना है. ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा इस कार्य में मदद ली जायेगी. साथ ही विभाग ने निर्णय लिया है कि नाली-गली योजना के लिए आवश्यक हुआ तो भू-अर्जन भी किया जायेगा. चार वर्षों में इस योजना के क्रियान्वयन पर 142 अरब 49 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होंगे. यह आकलन किया गया था . मगर सरकार की सब सात निश्चय योजना फेल नजर आती दिख रही जिले में हर गाँव में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा मगर इसपर कोई ध्यान नहीं।.


रिपोर्टर - देवानंद पांडेय



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