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कैमूर में भूमि निबंधन की पेपरलेस व्यवस्था लागू, 83 सेवा प्रदाताओं को मिली अनुज्ञप्ति


भूमि निबंधन की पेपरलेस व्यवस्था लागू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए 83 सेवा प्रदाताओं को अनुज्ञप्ति दी है। भभुआ और मोहनिया में निबंधन कार्य सुचारु है। कार्यालय परिसर में ‘MAY I HELP BOOTH’ बनाया गया है, जहां नागरिकों को सहायता मिलेगी।


  • कैमूर में भूमि निबंधन की पेपरलेस व्यवस्था लागू, 83 सेवा प्रदाताओं को मिली अनुज्ञप्ति।
  • भभुआ-मोहनिया निबंधन कार्यालय में शुरू हुआ कार्य, नागरिकों की मदद के लिए ‘MAY I HELP BOOTH’ स्थापित।
  • आधार, पैन, फोटो, संपत्ति विवरण, जीपीएस फोटो और नजरी नक्शा समेत कई दस्तावेज होंगे जरूरी।
कैमूर टॉप न्यूज,भभुआ: जिले में भूमि निबंधन की प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार सरकार द्वारा भूमि निबंधन को पेपरलेस पद्धति पर पूर्ण रूप से लागू किए जाने के बाद आम लोगों के बीच उत्पन्न भ्रम और असमंजस को दूर करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष पहल की गई है। शनिवार, 22 अगस्त 2026 को जिला पदाधिकारी कैमूर की अध्यक्षता में भूमि निबंधन की नई व्यवस्था को लेकर बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पेपरलेस निबंधन व्यवस्था के सुचारु संचालन, आम नागरिकों को सुविधा उपलब्ध कराने तथा सेवा प्रदाताओं की भूमिका को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नई व्यवस्था न केवल सरल और सुरक्षित है, बल्कि इससे निबंधन प्रक्रिया पहले की अपेक्षा अधिक पारदर्शी एवं तेज होगी।

83 सेवा प्रदाताओं को मिली अनुज्ञप्ति


जन-सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिले में कुल 83 सेवा प्रदाताओं को अनुज्ञप्ति जारी की गई है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार स्वयं ई-निबंधन पोर्टल के माध्यम से दस्तावेज तैयार कर सकते हैं अथवा अधिकृत सेवा प्रदाता की सहायता ले सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि नई व्यवस्था के कारण आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।

प्रारंभिक चरण में नागरिकों और सेवा प्रदाताओं को तकनीकी प्रक्रिया समझने तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए कार्यालय परिसर में “MAY I HELP BOOTH” स्थापित किया गया है। इस हेल्प-डेस्क पर आवश्यक उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन ने नागरिकों एवं सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि जब तक वे नई व्यवस्था की पूरी जानकारी और आवश्यक संसाधनों से सुसज्जित नहीं हो जाते, तब तक हेल्प-डेस्क की सहायता लेकर निबंधन प्रक्रिया पूरी करें।

जमीन रजिस्ट्री के लिए ये दस्तावेज जरूरी

पेपरलेस भूमि निबंधन के लिए विक्रेता और क्रेता का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, पैन कार्ड और नवीनतम फोटोग्राफ आवश्यक होगा। इसके अलावा गवाह या पहचानकर्ता का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर एवं फोटो भी देना होगा।

संपत्ति से संबंधित पूरा विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। इसमें अंचल, हल्का, मौजा, थाना संख्या, खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी, भूमि की श्रेणी, जमाबंदी संख्या तथा संबंधित व्यक्ति का नाम शामिल है। इसके साथ विक्रेता के स्वामित्व अथवा अधिकार का स्पष्ट विवरण भी आवश्यक होगा।

प्रशासन के अनुसार संपत्ति का जीपीएस आधारित फोटोग्राफ, नजरी नक्शा तथा संबंधित मौजा या वार्ड की भूमि का स्थल जांच प्रतिवेदन भी निबंधन प्रक्रिया के लिए आवश्यक दस्तावेजों में शामिल है।

भभुआ और मोहनिया में चल रहा निबंधन कार्य

जिला प्रशासन ने बताया कि जिला अवर निबंधन कार्यालय, भभुआ और मोहनिया दोनों स्थानों पर भूमि निबंधन का कार्य सुचारु रूप से संचालित हो रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में नागरिक नई व्यवस्था के तहत निबंधन करा रहे हैं और दस्तावेज की मुद्रित प्रति प्राप्त कर रहे हैं।

प्रशासन का कहना है कि पेपरलेस व्यवस्था से निबंधन प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही दस्तावेजों के डिजिटल प्रबंधन से प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे भूमि निबंधन की इस आधुनिक व्यवस्था का लाभ उठाएं। किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रिया संबंधी परेशानी होने पर सीधे कार्यालय में स्थापित हेल्प-डेस्क से सहायता प्राप्त करें। प्रशासन ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि निबंधन के लिए केवल अधिकृत सेवा प्रदाताओं की सहायता लें और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पहले से सुनिश्चित कर लें।

कैमूर से अभिषेक राज की रिर्पोट 




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