Header Ads

वीडियो:रामगढ़ में स्कूलों के औचक निरीक्षण में मिलीं कई खामियां, शिक्षकों से मांगा गया स्पष्टीकरण


प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश सिंह ने कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। सुल्तानपुर में 68 में 50 बच्चे उपस्थित मिले और पाठ-टिका सत्यापन में कमी मिली। बलुआ व सियरुवा में भी लापरवाही सामने आई। ऊपरी विद्यालय में बच्चों के बाहर मिलने पर चेतावनी दी गई। संबंधितों से स्पष्टीकरण मांगा गया।


  • स्कूलों का औचक निरीक्षण
  • शिक्षकों से मांगा गया स्पष्टीकरण
  • लापरवाही पर विभागीय कार्रवाई
कैमूर टॉप न्यूज,रामगढ़: प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था की जांच को लेकर शुक्रवार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश सिंह ने कई विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षा संचालन, बच्चों की उपस्थिति, स्वतंत्रता दिवस की तैयारी तथा शिक्षकों द्वारा तैयार की जा रही पाठ-टिका की स्थिति की जांच की गई। इस दौरान अलग-अलग विद्यालयों में कई कमियां सामने आईं। मामले को लेकर संबंधित प्रधान शिक्षकों और शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश सिंह द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय सुल्तानपुर का औचक निरीक्षण किया गया। विद्यालय में कुल 68 बच्चों का नामांकन दर्ज है, जबकि निरीक्षण के दौरान 50 बच्चे उपस्थित पाए गए। जांच के दौरान शिक्षकों द्वारा लिखी गई पाठ-टिका का प्रधान शिक्षिका द्वारा सत्यापन नहीं किया जाना सामने आया। इसे विभागीय निर्देशों के अनुरूप नहीं पाया गया। इस मामले में प्रधान शिक्षिका से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
वीडियो:

इसके बाद मध्य विद्यालय ऊपरी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारी को लेकर कुछ बच्चे विद्यालय से बाहर रास्ते में मिले। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने बच्चों को वापस विद्यालय भेजा। साथ ही प्रधानाध्यापक को चेतावनी देते हुए कहा गया कि विद्यालय संचालन के दौरान इस तरह की स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। बच्चों की सुरक्षा और विद्यालय में उनकी उपस्थिति को लेकर भी आवश्यक सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया।

वहीं उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय ऊपरी के निरीक्षण के दौरान स्थिति अलग रही। यहां सभी शिक्षक उपस्थित पाए गए। विद्यालय में छात्र-छात्राओं द्वारा स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम की तैयारी की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यालय में चल रही गतिविधियों का जायजा लिया गया।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने इसके बाद प्राथमिक विद्यालय बलुआ का भी निरीक्षण किया। यहां प्रधान शिक्षिका प्रतिभा सिंह द्वारा शिक्षकों की पाठ-टिका का सत्यापन नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा शिक्षिका शालिनी सिंह और शिक्षक संजय पाल द्वारा पाठ-टिका नहीं लिखे जाने की जानकारी निरीक्षण में मिली। इस मामले में संबंधित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। विभागीय स्तर पर प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा के बाद आगे की कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

इसी क्रम में मध्य विद्यालय सियरुवा का भी औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय विद्यालय में नियमित कक्षा संचालन के बजाय 15 अगस्त की तैयारी किए जाने की स्थिति सामने आई। इसके साथ ही शिक्षकों की पाठ-टिका भी अद्यतन नहीं पाई गई। इस मामले को लेकर प्रभारी प्रधानाध्यापक को चेतावनी दी गई है तथा उनसे स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है।
विद्यालय में निरीक्षण करते प्रखंड शिक्षा पदधिकारी


प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राजेश सिंह ने बताया कि विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना शिक्षा विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि विद्यालयों में नियमित रूप से कक्षाओं का संचालन हो रहा है या नहीं, शिक्षक निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन कर रहे हैं या नहीं और बच्चों को पढ़ाई का उचित वातावरण मिल रहा है या नहीं।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व की तैयारी विद्यालयों में होना स्वाभाविक है, लेकिन इसके साथ नियमित शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति, कक्षा संचालन और शिक्षकों की जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को लेकर संबंधित प्रधान शिक्षकों और शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। विभागीय स्तर पर स्पष्टीकरण प्राप्त होने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा विभाग के इस औचक निरीक्षण से विद्यालयों में हड़कंप की स्थिति रही। विभाग की ओर से दिए गए संकेत से स्पष्ट है कि विद्यालयों में कक्षा संचालन, शिक्षकों की जिम्मेदारी और पाठ-टिका से संबंधित कार्यों में लापरवाही को अब गंभीरता से लिया जाएगा। आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहने की संभावना है। इससे विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था को नियमित और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

कैमूर ब्यूरो मो. असरफ के साथ जिला संवाददाता अभिषेक राज की रिपोर्ट

वीडियो:


No comments