Kaimur Top News: 5 करोड़ 33 लाख 70 हजार कचरा प्रबंधन के लिए प्रस्तावित
कैमूर टॉप न्यूज़, कैमूर: सब कुछ सामान्य रहा तो शीघ्र ही शहर में कचरा प्रबंधन के व्यवस्थित संसाधन मौजूद होंगे. कचरे से खाद बनाने के भी संसाधन खड़े किए जाएंगे. इससे नगर परिषद का आए भी बढ़ेगा. कचरे का सदुपयोग भी हो जाएगा. 5 करोड़ 33 लाख 70 हजार से शहर में कचरा प्रबंधन का प्रस्ताव नगर परिषद की बोर्ड में रखा गया.पार्षदों ने इस प्रस्ताव पर सहमति दी. शीघ्र ही इसे स्वीकृति के लिए विभाग को भेजी जाएगी.इसके 3 घटक होंगे.स्वच्छ भारत मिशन के तहत 186.79 लाख केंद्रीय सहायता राशि, परियोजना की 23.3 फीसद 124.35 लाख राज्यांश होगा. 41.7 फीसद 222.55 लाख रुपए का निवेश नगर परिषद को भी करना है. प्रस्ताव पर सर्व सहमति भी बनी.
शहर की गलियों का नामकरण होगा
हर के विभिन्न वार्डों की गलियों के नामकरण की भी चर्चा हुई. जिसमें आमतौर पर यह विचार आया कि पार्षदों के द्वारा वार्ड समिति की बैठक कर संबंधित वार्ड के स्वतंत्रता सेनानी रहे या फिर सामाजिक तौर पर बड़ा योगदान वाले महापुरुष के नाम पर गलियों का नामकरण होगा। गलियों में नामकरण कर पटि्टका भी लगाई जाएगी. इस पर पार्षद व सभापति के नाम भी अंकित होंगे.
जन्म-मृत्यु प्रमाण की डिलिवरी भी डोर टू डोर सिस्टम से होगी
बैठक में शामिल सभापति, ईओ व अन्य.
लाभुकों को 50 रुपए शुल्क के तौर देनी होगी
नगर परिषद बोर्ड की बैठक में यह तय हुआ कि नगर परिषद से बनने वाले जन्म-मृत्यु प्रमाण की डिलीवरी भी डोर टू डोर सिस्टम से की जाएगी. इसके लिए लाभुकों को 50 रुपए शुल्क के तौर देनी होगी.इसी शुल्क पर नगर परिषद के कर्मी घर जाकर अभिलेख भी कलेक्ट करेंगे. कार्यालय से प्रमाण पत्र तैयार होने के बाद घर पर ही डिलीवरी भी होगी.पहले से जारी प्रमाण पत्र के तरीके भी साथ चलेगा. इस पर पार्षदों ने सहमति जताई.
ये रहे मौजूद
नगर परिषद बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता सभापति जैनेंद्र कुमार आर्य ने की. इस दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव, उपसभापति नाहिदा परवीन, पार्षद आकाश कुमार, उत्तम चौरसिया सहित कई पार्षद भी मौजूद रहे.
योजनाओं में अनियमितता पर 10 % तक की कटौती
शहर में चल रहे विभिन्न विकास योजनाओं में अनियमितता की शिकायत भी सामने आई. इसे गंभीरता से लेते हुए कार्यपालक पदाधिकारी ने अनुभूति श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि वार्ड में चल रहे नल जल योजना के तहत किसी भी संवेदक को पिछले तीन-चार माह से भुगतान नहीं की गई है. गड़बड़ी की जांच कर 10% तक की राशि की कटौती की जाएगी. हालांकि बोर्ड में प्रस्ताव यह भी रखा गया कि पार्षदों की सहमति के बाद ही संवेदक को भुगतान की जाए. लेकिन इस पर वार्ड 24 के पार्षद ने असहमति जताते हुए कहा कि पार्षद टेक्निकली जानकार नहीं है. बताया गया कि गुणवत्ता की जांच के लिए पूरी जिम्मेवारी लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण को दी गई है.नल-जल योजना में उपयोग की जा रही सामग्रियों की गुणवत्ता जांच प्रमाण पत्र सिपेट से लिए गए हैं. इसके बाद ही भुगतान की जाएगी.
संवाददाता अभिषेक राज




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