Kaimur Top News: लरमा मुख्य नहर निर्माण में भारी अनियमितता खेल का उजागर.....
कैमूर टॉप न्यूज़,कैमूर: लरमा मुख्य नहर के 20 किलोमीटर लंबी कर्मनाशा मुख्य नहर का लाइनिंग कार्य हनुमंत कंट्रक्शन कंपनी के द्वारा लगभग 82 करोड़ रुपए से किया जा रहा है.दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के अतिमहत्वाकांक्षी लरमा मुख्य नहर के लाइनिग कार्य को सोमवार को छाता गांव के किसानों ने रोक दिया. ग्रामीणों का आरोप है कि नहर लाइनिग निर्माण कराने वाली कंपनी के द्वारा मानक के अनुसार कार्य नहीं कराया जा रहा है. 82 करोड़ रूपये से निर्माणाधीन लरमा मुख्य नहर योजना के लिए स्वीकृति मिली है लोगों का आरोप है कि मुख्य नहर का निर्माण सही ढंग से नहीं किया जा रहा है जिसे किसान नाराज होकर काम को रोक दिया। बताया कि बालू की जगह मिट्टी पर ही पीसीसी ढलाई किया जा रहा है जोकि पीसीसी ढलाई करने से पहले नीचे मे बालू का इस्तेमाल करना चाहिए जगह-जगह तय मानक से कम ढलाई करने, कंप्रेशर मशीन का प्रयोग नहीं करने, पर्याप्त पानी का छिड़काव नहीं करने, नहर के बेड का सही लेवलिग नहीं करने आदि मांगों के समर्थन में लाइनिग के निर्माण कार्य को रोक दिया. लाइनिंग की कार्य रोकने के बाद सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए ग्रामीणों व अफसरों की उपस्थिति में 50-60 मीटर ढलाई जो तय मानक के अनुसार नहीं थी उसको जेसीबी मशीन से तोड़ा गया. निर्माण कंपनी ने भी अपनी गलती को स्वीकार कर पुन: ढलाई का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण विभाग के अधीक्षण अभियंता व उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग कर रहे थे.
लोगों का कहना है कि नहर के लाइनिग कार्य में बरती जा रही अनियमितता कि जांच विभाग के अफसरों से नहीं बल्कि विजिलेंस से कराई जाए. विभाग के अफसरों के मिलीभगत से ही अनियमितता बरती जा रही है. जल संसाधन विभाग के सचिव का स्पष्ट निर्देश है कि विभाग के अफसरों की उपस्थिति में ही लाइनिग का कार्य किया जाए. वगैर विभाग के अफसरों की मौजूदगी में दिन के अलावा रात में भी कार्य किया जा रहा है. लरमा मुख्य नहर के लाइनिग कार्य को लेकर ग्रामीण किसानों के बीच कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.इसको लेकर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि निर्माण कार्य की निगरानी अच्छी तरह नहीं की गई तो नहर लाइनिग का सारा पैसा पानी में डूब जाएगा. कार्य निर्माण के दौरान बार बार निर्माण कंपनी द्वारा अनियमितता बरती जा रही है लरमा मुख्य नहर के जरिए किसानों के खेतों तक पानी पहुंचने के लिए सरकार के तहत 82 करोड रुपए की लागत से योजना की स्वीकृति मिली हुई है नहर में लगभग 75% लाइनिंग निर्माण का कार्य भी पुर्ण हो चुका है किसानों ने कार्य को रुकने के बाद सुचना पाकर संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंच गए पहुंच कर पाया कि निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है उन्होंने जेसीबी लगवाकर करीब 100 फीट की दूरी में निर्माण कार्य को टोड़वा दिया.
कैमूर टॉप न्यूज के लिए दुर्गावती से मुबारक मुबारक अली की रिपोर्ट



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