विद्यालय के संस्थापक की मनाई गई जयंती,कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व डीजीपी कमल नयन और डीएम सावन कुमार
ऐसी हालात में बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानियों का सामना करना पङ रहा था.शिक्षा ग्रहण करने के लिए बच्चों को काफी दूर दूर जाना पड़ता था ऐसी विषम परिस्थितियों में जगदीश बाबू ने सन 1950 में कर्णपुरा के पास विद्या के मंदिर का नींव डालकर शिक्षा की लौ यहां जलाया था.उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जगदीश सिंह जयंती के अवसर पर उन्हें याद कर हम सभी को उनसे प्रेरणा मिलती है.इस तरह का कार्यक्रम आगे भी जारी रहना चाहिए.
जिस समय काफी दूर-दूर तक शिक्षा का लौ नहीं जल रहा था ऐसी हालात में बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानियों का सामना करना पङ रहा था.शिक्षा ग्रहण करने के लिए बच्चों को काफी दूर दूर जाना पड़ता था ऐसी विषम परिस्थितियों में जगदीश बाबू ने सन 1950 में कर्णपुरा के पास विद्या के मंदिर का नींव डालकर शिक्षा की लौ यहां जलाया था.उन्होंने कहा कि स्वर्गीय जगदीश सिंह जयंती के अवसर पर उन्हें याद कर हम सभी को उनसे प्रेरणा मिलती है.इस तरह का कार्यक्रम आगे भी जारी रहना चाहिए.
कार्यक्रम शुरू होने से पहले जिलाधिकारी सावन कुमार जयंती समारोह में पहुंचे. इस दौरान उन्होंने विद्यालय के बगल में पोखरे का हो रहे सुन्दरी करण का निरीक्षण किया तथा पोखरे पर स्थापित बाबा परमार्थ गिरी समाधि स्थल पर पहुंचे और पूजन अर्चन कर मत्था टेके.इस दौरान पूर्व आई एफ एस अधिकारी रामजी यादव,भाजपा नेता अभय सिंह,शेष नाथ शरद, रोहित कुमार सिंह, परशुराम तिवारी, रामजी सिहं,समाजसेवी इमरान खान आदि उपस्थित थे.
रिपोर्ट : मुबारक अली





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