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नए साल का जश्‍न मनाना हो तो आइए कैमूर की व‍ादियों में, दुर्गावती जलाशय को निहारते रह जाएंगे, प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ ऐतिहासिक स्थलों पर नव वर्ष रहेगा यादगार..

नए साल का जश्न मनाने के लिए यह पसंदीदा पर्यटन स्थल साबित होने लगा है. यहां कैमूर के अलावा रोहतास जिले से भी हजारों लोग पहुंचते हैं.कुदरा, मोहनियां सहित जिला मुख्यालय भभुआ से भी लोग जलाशय का भ्रमण करने व पिकनिक मनाने वहां पहुंचते हैं. दोनों जिलों की सीमा पर अवस्थित यह डैम अपनी रमणीयता व प्राकृतिक सुंदरता को ले पूर्व से ही आकर्षण का केंद्र रहा है.
कैमूर टॉप न्यूज़,
भभुआ:
नए साल का जश्न मनाने की तैयारी में युवा जुट चुके हैं.पिकनिक स्टॉल का चयन किया जा रहा है.ऐसे में कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय की बात करें तो नए साल का जश्न मनाने के लिए यह पसंदीदा पर्यटन स्थल साबित होने लगा है. यहां कैमूर के अलावा रोहतास जिले से भी हजारों लोग पहुंचते हैं.कुदरा, मोहनियां सहित जिला मुख्यालय भभुआ से भी लोग जलाशय का भ्रमण करने व पिकनिक मनाने वहां पहुंचते हैं. दोनों जिलों की सीमा पर अवस्थित यह डैम अपनी रमणीयता व प्राकृतिक सुंदरता को ले पूर्व से ही आकर्षण का केंद्र रहा है.
अब विशेष उत्सवों पर या अवकाश के दिनों में दूर-दूर से लोग पहुंचते हैं.प्रकृति की गोद मे बसे जलाशय की धारा और पहाड़ों के सुंदर दृश्य को देख लोग मोहित हो जाते हैं.दुर्गावती जलाशय रोहतास के शेरगढ़ पहाड़ी व कैमूर के करमचट के पास राजादेव टोंगर की पहाड़ी के बीच से निकलने वाली दुर्गावती नदी पर बना है. डैम के पूर्वी तट पर रोहतास की सीमा में शेरगढ़ का प्राचीन भूमिगत किला है.वहां से कुछ ही दूरी पर भुड़कुड़ा का प्राचीन किला भी सैकड़ों वर्षों से विद्यमान है. वर्ष 2023 अलविदा होने वाला है और अब लोग नए वर्ष 2024 में प्रवेश करेंगे, इसके स्वागत के लिए लोग जुटे हुए हैं और नए वर्ष की स्वागत पिकनिक मनाने और घूमने फिरने से लेकर शुरू होगा, लोग नए वर्ष पर सेलेब्रिट करेंगे, तो इसमें कैमूर लोगों के लिए बेहतर विकल्प है.जहां जिले में प्राकृतिक सौंदर्य और पहाड़ों की खूबसूरती के साथ-साथ बोटिंग, जलप्रपात वन क्षेत्र में बने पार्क और ऐतिहासिक एवं प्राचीन इमारत सैलानियों के लिए बेहतर विकल्प के साथ बेहतर अनुभव साबित होगा.
जिसको लेकर कैमूर में जिला प्रशासन के द्वारा सुरक्षा व्यवस्था चुस्त दुरुस्त किया जा रहा है तो वहीं वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के द्वारा वन क्षेत्र में सैलानियों के स्वागत के लिए तैयार है.कैमूर जिले के दुर्गावती जलाशय में इस बार सैलानियों के लिए जलाशय, वन व क्षेत्र पहाड़ी के साथ-साथ वोटिंग भी एक बेहतर अनुभव रहेगा, इसके अलावा तेल्हाड़ कुंड जलप्रपात जो भभुआ से करीब 28 किलोमीटर दूर स्थित पहाड़ी क्षेत्र अधौरा प्रखंड में स्थित है, जहां पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बेहतर सुविधा से सुसज्जित बनाया गया है, जहां लोग जलप्रपात का आनंद लेंगे, जहां पार्क बनाया गया जिसमें पैदल चलने के लिए रास्ते बनाए गए हैं, वहीँ बैठने की व्यवस्था के साथ साथ सुरक्षा व्यवस्था किया गया है, बैठकर प्राकृतिक खूबसूरती को निहारने के लिए व्यू प्वाइंट बनाया गया है इसके अलावा पार्क का भी निर्माण किया गया है, जहां लोग प्राकृतिक संदर्भ के साथ जलप्रपात का आनंद लेंगे और इस बार नए अनुभव सैलानियों को होगा.
करकटगढ़ इसके अलावा कैमूर जिले में स्थित चैनपुर थाना अंतर्गत करकटगढ़ जलप्रपात जहां सैलानियों का पहले चॉइस माना जाता है. जो जिला मुख्यालय भभुआ से करीब 40 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जो 19 किलोमीटर जंगली रास्ते कोई एडवेंचर से कम नही, जहां जाने पर आपको इको पार्क के साथ-साथ जलप्रपात एवं पहाड़ी प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर क्षेत्र है जहां लोग बार-बार जाना चाहते हैं.वहां भी नए वर्ष के लिए लोगों का बेहतर विकल्प रहेगा, और हाँ जलप्रपात के नीचे में कई मगरमच्छ भी देखने को मिलेंगे जो लोगों को बेहतर अनुभव मिलेगा, इसके अलावा जिले के वन सेंचुरी क्षेत्र में कई प्राकृतिक सौंदर्य से भरा जलप्रपात एवं झरने हैं जहां लोग अपना नए वर्ष मान सकते हैं तो वहीं जिले में प्राचीन ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों में देखें तो चैनपुर में स्थित बख्तियार खान का मकबरा है जो बेहतर विकल्प रहेगा, इसके अलावा धार्मिक स्थलों में विश्व प्रसिद्ध मंदिर देवी मुंडेश्वरी धाम जहां पहाड़ी पर चढ़कर जाना वहां भी दर्शन पूजन के साथ नए वर्ष का स्वागत कर सकते हैं वहीं मुंडेश्वरी धाम में वन विभाग के द्वारा सुंदर पार्क बनाया गया हैं जहां लोगों का नव वर्ष बेहतर तरीके से इंजॉय कर सकते हैं, वहीं जो लोग जिला मुख्यालय में ही रहकर अपने नए वर्ष को सेलिब्रेट करना चाहते हैं तो उनके लिए भी वन विभाग द्वारा संचालित सिटी पार्क में भी बेहतर व्यवस्था किया गया है.जहां साफ सफाई सुसज्जित तरीके से पेड़ पौधे फूल और फौवारे का इंतजाम किया गया है.

संवाददाता मुबारक अली की खास रिपोर्ट



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