कैमूर में खुला ‘न्याय का नया दरवाजा’, मानवाधिकार संगठन की जिला इकाई का दमदार आगाज ..
कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक का नैतिक दायित्व है. गरीब, पीड़ित और लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की आवाज बनना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
रोहित बोले- पीड़ित की जाति-धर्म नहीं, उसकी पीड़ा देखे संगठन.
डॉ. आर.पी. सिंह ने कहा- मानवाधिकार की लड़ाई लंबी है, हर जिले को होना होगा तैयार
कैमूर टॉप न्यूज, मोहनिया : मोहनिया के बिहार होटल में रविवार को मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय की कैमूर जिला इकाई का स्थापना समारोह सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम बनकर नहीं रहा, बल्कि गरीब, शोषित, वंचित और पीड़ित लोगों की आवाज बनने के संकल्प के साथ नई शुरुआत का गवाह बना. राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में संगठन ने जिले में मानवाधिकार और सामाजिक न्याय की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
‘पीड़ित की पहचान नहीं, उसकी परेशानी देखिए’
समारोह को संबोधित करते हुए मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर जागरूक नागरिक का नैतिक दायित्व है. गरीब, पीड़ित और लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे लोगों की आवाज बनना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि चंपारण में जिस मजबूती और समर्पण के साथ मानवाधिकारों की लड़ाई लड़ी जा रही है, उसी तरह का अभियान बिहार के हर जिले में चलना चाहिए. संगठन का उद्देश्य किसी से टकराव नहीं, बल्कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर पीड़ितों को उनका अधिकार और न्याय दिलाना है.
रोहित कुमार सिंह ने कैमूर जिला इकाई के पदाधिकारियों से निष्पक्षता, पारदर्शिता और सेवाभाव के साथ काम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि किसी पीड़ित की जाति, धर्म, भाषा, वर्ग या राजनीतिक पहचान नहीं देखी जानी चाहिए. उसकी समस्या को गंभीरता से सुनकर वैधानिक तरीके से समाधान की दिशा में प्रयास होना चाहिए.
‘लड़ाई लंबी है, सिर्फ भाषण से नहीं बदलेगा समाज’
राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार डॉ. आर.पी. सिंह ने कहा कि मानवाधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय की स्थापना आसान लड़ाई नहीं है. इसके लिए संगठन के साथ आम नागरिकों को भी जागरूक और सक्रिय होना पड़ेगा.
उन्होंने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, सम्मान और न्याय का अधिकार देता है. जरूरत इस बात की है कि इन अधिकारों की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने कहा कि जब नागरिक अपने अधिकार और कर्तव्य समझेंगे, तभी अन्याय, भेदभाव और शोषण के खिलाफ मजबूती से आवाज उठेगी.
डॉ. आर.पी. सिंह ने साफ कहा कि मानवाधिकारों की लड़ाई लंबी चलनी है. इसलिए बिहार के नागरिकों को इसके लिए तैयार रहना होगा. सामाजिक बदलाव केवल भाषणों से नहीं, बल्कि लगातार जनसेवा, जागरूकता और जरूरतमंदों की व्यावहारिक मदद से आएगा.
‘हर वर्ग के साथ खड़ा होगा संगठन’
बिहार प्रदेश महासचिव एवं बक्सर जिलाध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम ने कहा कि संगठन का सबसे बड़ा उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को न्याय की मुख्यधारा से जोड़ना है. किसी गरीब, कमजोर या पीड़ित नागरिक के अधिकारों का हनन होता है तो संगठन उसकी आवाज बनेगा.
उन्होंने बताया कि जिला इकाई के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान, कानूनी सहायता, महिला और बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों पर काम किया जाएगा. उन्होंने पदाधिकारियों से शिकायतों की सत्यता की जांच करने और प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से वैधानिक समाधान कराने की अपील की.
‘जाति-धर्म की दीवार से ऊपर उठे समाज’
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन प्रख्यात शायर एवं मंच संचालक साबित रौतासवी ने किया. उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता और सद्भाव के लिए लोगों को जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र की संकीर्ण सीमाओं से ऊपर उठकर सोचना होगा.
उन्होंने कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं और न्याय से बड़ा कोई सामाजिक सिद्धांत नहीं है. समाज में शांति और भाईचारा तभी कायम रह सकता है, जब लोग एक-दूसरे के अधिकार और सम्मान की रक्षा करें.
गांव-पंचायत तक पहुंचेगी न्याय की आवाज
समारोह में कैमूर जिला इकाई को गांव, पंचायत और प्रखंड स्तर तक सक्रिय करने का निर्णय लिया गया. संगठन ऐसे लोगों तक पहुंच बनाएगा, जिन्हें प्रशासनिक, सामाजिक या कानूनी स्तर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
महिला उत्पीड़न, बाल अधिकार, वरिष्ठ नागरिकों की उपेक्षा, श्रमिकों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक भेदभाव जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही गई. इसके लिए जनसंवाद, जागरूकता शिविर, विचार गोष्ठी और कानूनी परामर्श शिविर आयोजित किए जाएंगे.
बड़ी मौजूदगी, नई टीम को मिली जिम्मेदारी
समारोह में राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार सिंह, राष्ट्रीय मुख्य सलाहकार डॉ. आर.पी. सिंह, बिहार प्रदेश महासचिव एवं बक्सर जिलाध्यक्ष डॉ. दिलशाद आलम, औरंगाबाद जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार मिश्रा, कैमूर जिलाध्यक्ष रामप्यारे साह, सचिव डॉ. खालिद, राहुल कुमार सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे.
इसके अलावा दया सिंह, राजकुमार भर, सलाहुद्दीन, असलम, पूर्व नगर अध्यक्ष, विमला देवी, धरमशिला देवी, चंदन कुमार और विकास कुमार समेत बड़ी संख्या में समाजसेवी, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए.
अंत में कैमूर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय एवं प्रदेश नेतृत्व के प्रति आभार जताया. अतिथियों ने जिलाध्यक्ष रामप्यारे साह, सचिव डॉ. खालिद और पूरी कैमूर टीम को सफल आयोजन की बधाई दी. समारोह का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय का यह मंच किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरतमंद हर नागरिक के अधिकार, सम्मान और न्याय के लिए आवाज उठाएगा.




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