जनजातीय परिवारों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, कैमूर में शिक्षा-रोजगार से लेकर पलायन रोकने पर मंथन
कैमूर टॉप न्यूज,भभुआ:जिले के जनजातीय समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक शत-प्रतिशत पहुंचाने को लेकर बुधवार को लिच्छवी भवन में जिला स्तरीय सेमिनार-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया। बिहार अनुसूचित जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान (TRI), पटना के तत्वावधान में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी, कैमूर ने की।
कार्यशाला में कैमूर के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति समुदाय की वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति, आजीविका के साधन और विकास की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। पटना से पहुंचे TRI के शोध दल एवं तकनीकी विशेषज्ञों ने जिले के भौगोलिक और सामाजिक परिदृश्य के आधार पर विभिन्न विषयों पर प्रस्तुति दी।
शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता
कार्यशाला में सुदूर जनजातीय टोलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने, छात्रवृत्ति योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने और युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, शुद्ध पेयजल तथा पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य शिविरों की जरूरत पर चर्चा हुई।
खेती और वनोपज से रोजगार बढ़ाने पर जोर
कैमूर के पहाड़ी एवं तराई क्षेत्रों में पारंपरिक और जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने के साथ लघु वनोपज के संग्रहण, भंडारण और मूल्य संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया गया। वन धन विकास केंद्रों को मजबूत करने तथा स्थानीय संसाधनों के आधार पर रोजगार के अवसर पैदा करने की कार्ययोजना पर विचार किया गया।
पलायन रोकने के लिए स्थानीय रोजगार पर फोकस
मजदूरी रोजगार के तहत मनरेगा समेत अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने, समय पर पारदर्शी मजदूरी भुगतान और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देने की बात कही गई। मौसमी और संकट के समय होने वाले पलायन को रोकने के लिए स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा प्रवासी श्रमिकों का डेटाबेस तैयार करने पर भी चर्चा हुई।
महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
जनजातीय युवाओं को स्थानीय संसाधनों पर आधारित लघु उद्योग, हस्तशिल्प और कृषि आधारित व्यवसायों से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण और रियायती ऋण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। वहीं जीविका समूहों के माध्यम से महिलाओं को वित्तीय एवं उद्यमिता संबंधी सहयोग देने की बात कही गई।
डीएम ने अधिकारियों को दिए निर्देश
जिला पदाधिकारी ने कहा कि कैमूर का जनजातीय समुदाय अपनी विशिष्ट संस्कृति और परंपराओं के लिए जाना जाता है। प्रशासन का प्रयास है कि विकास की मुख्यधारा से कोई भी जनजातीय परिवार वंचित न रहे। उन्होंने प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों और विकास मित्रों को फील्ड स्तर पर सर्वे कर प्रधानमंत्री जनमन योजना, आवास, राशन कार्ड, आधार सीडिंग, आयुष्मान कार्ड और पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
TRI के प्रतिनिधियों ने बताया कि कार्यशाला से प्राप्त सुझावों और फीडबैक के आधार पर जिला-विशिष्ट कार्ययोजना तैयार की जाएगी। यह कार्ययोजना भविष्य में जनजातीय समुदाय से जुड़ी योजनाओं और बजट निर्धारण में महत्वपूर्ण आधार बनेगी। कार्यक्रम में जिला कल्याण पदाधिकारी, TRI के विशेषज्ञ एवं शोधार्थी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, विकास मित्र तथा जनजातीय समुदाय के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक मौजूद रहे।



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