वीडियो:कैमूर में किसान-मजदूरों का हल्लाबोल! एकता चौक पर 1 घंटे सड़क जाम, 28 कार्यकर्ता हिरासत में लेकर रिहा
जेल भरो आंदोलन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, 28 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कस्टडी में लेकर किया रिहा
- एकता चौक पर एक घंटे सड़क जाम — राष्ट्रव्यापी जेल भरो आंदोलन के तहत किसान-मजदूर संगठनों ने भभुआ में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
- सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी — कार्यकर्ता हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर पहुंचे और किसानों-मजदूरों के मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की।
- एमएसपी की कानूनी गारंटी की मांग — सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और किसानों का कर्ज माफ करने की मांग उठाई गई।
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध — आंदोलनकारियों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करने समेत किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की बात कही।
कैमूर टॉप न्यूज,भभुआ:राष्ट्रव्यापी आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा एवं केंद्रीय श्रमिक संगठनों के जेल भरो आंदोलन का असर सोमवार को कैमूर जिला मुख्यालय भभुआ में भी देखने को मिला। किसान और श्रमिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रमुख एकता चौक पर करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। हाथों में झंडे और मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर पहुंचे आंदोलनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसानों व मजदूरों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
आंदोलन के कारण एकता चौक के आसपास यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। प्रदर्शनकारियों के सड़क पर उतरने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार, नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय, बीडीओ अतुल्य आर्य सहित पुलिस बल की तैनाती रही। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और प्रदर्शन को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
किसानों के मुद्दों को लेकर उठाई आवाज
प्रदर्शन के दौरान भाकपा माले के जिला सचिव विजय सिंह यादव ने कहा कि अगस्त क्रांति के महीने में देश के किसान संगठनों द्वारा आंदोलन के माध्यम से अगस्त क्रांति के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित से जुड़े मुद्दों को लेकर देशभर में आंदोलन किया जा रहा है और इसी क्रम में भभुआ के एकता चौक पर भी कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
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उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी जान गंवाई थी। आंदोलन के दौरान किसानों और केंद्र सरकार के बीच जिन मुद्दों पर सहमति बनी थी, उन्हें पूरी तरह लागू किए जाने की मांग लगातार उठाई जा रही है।
एमएसपी कानून और कर्जमाफी की मांग
आंदोलनकारियों ने किसानों से जुड़े कई प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार के सामने मांगें रखीं। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की कानूनी गारंटी, किसानों का कर्ज माफ करने तथा भारत-अमेरिका ट्रेड डील को रद्द करने की मांग शामिल रही।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिलना जरूरी है। इसके साथ ही खेती की बढ़ती लागत और किसानों पर आर्थिक दबाव को देखते हुए कर्जमाफी समेत अन्य मांगों पर भी सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
जाम के बाद 28 कार्यकर्ता कस्टडी में
जेल भरो आंदोलन के तहत सड़क जाम और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद पुलिस ने आंदोलन में शामिल कार्यकर्ताओं को कस्टडी में लिया। प्रदर्शनकारियों को भभुआ थाना ले जाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
इस संबंध में भभुआ थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि आंदोलन के दौरान थाना पहुंचे 28 कार्यकर्ताओं को कानूनी प्रक्रिया के तहत कस्टडी में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया।
करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान किसान-मजदूर संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। आंदोलन समाप्त होने के बाद एकता चौक पर यातायात व्यवस्था सामान्य हुई। हालांकि, किसान संगठनों की मांगों को लेकर आंदोलन और सरकार के बीच आगे की स्थिति पर अब नजर बनी हुई है।
भभुआ से संवाददाता विशाल कुमार की रिपोर्ट
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