वीडियो:श्रमिकों के बच्चों को JEE-NEET की मुफ्त कोचिंग, 600 प्रतिभावान छात्रों का होगा चयन
भभुआ में श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने की विभागीय समीक्षा, प्रवासी मजदूरों के लिए एक सप्ताह तक आवास और महज पांच रुपये में पौष्टिक भोजन की योजना
कैमूर टॉप न्यूज,भभुआ:श्रमिक परिवारों के बच्चों के सपनों को उड़ान देने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। पंजीकृत श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों को अब JEE, NEET के साथ-साथ IAS और IPS जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार की इस योजना के तहत शुरुआती चरण में 600 बच्चों को लाभ देने की बात कही गई है। वहीं दूसरे राज्यों से आने-जाने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए भी कम लागत में आवास और पौष्टिक भोजन की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।
यह जानकारी बिहार सरकार के श्रम संसाधन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने सोमवार को कैमूर के भभुआ स्थित सर्किट हाउस में दी। मंत्री के पहुंचने पर बिहार सरकार की अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडे और जदयू जिलाध्यक्ष अजय पटेल सहित कार्यकर्ताओं ने फूल-माला और बुके देकर उनका स्वागत किया।
वीडियो:
इसके बाद श्रम संसाधन मंत्री ने श्रम विभाग के अधिकारियों, आईटीआई के प्राचार्यों, श्रम प्रवर्तन अधिकारियों (LEO) और नियोजन पदाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में श्रमिकों के निबंधन, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन, रोजगार से जुड़े कार्यों और श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की स्थिति की समीक्षा की गई।
निबंधन में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को श्रमिकों के निबंधन कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों का निबंधन सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि श्रम विभाग का मुख्य उद्देश्य राज्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार करना, उन्हें सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।
प्रवासी श्रमिकों के लिए आवास और ₹5 में भोजन
प्रवासी श्रमिकों को लेकर भी सरकार नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। मंत्री ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के तहत शुरुआत में पटना में प्रवासी श्रमिकों के लिए आवासीय व्यवस्था की जाएगी। यहां श्रमिकों को करीब एक सप्ताह तक ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद इस योजना को बिहार के सभी 38 जिलों तक विस्तार देने की योजना है।
इसके साथ ही श्रमिकों के लिए महज पांच रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैंटीन संचालित की जाएगी। भोजन की वास्तविक लागत में शेष राशि श्रम बोर्ड द्वारा वहन किए जाने की बात मंत्री ने कही।
श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा पर जोर
मंत्री के अनुसार सरकार का फोकस केवल श्रमिकों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने पर भी है। इसी उद्देश्य से पंजीकृत श्रमिकों के प्रतिभावान बच्चों के लिए नि:शुल्क आवासीय कोचिंग की योजना लाई जा रही है।
इस योजना में JEE, NEET और IAS-IPS जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। शुरुआती चरण में 600 बच्चों को आवासीय नि:शुल्क कोचिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों के प्रतिभावान बच्चों को बड़े प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने विपक्षी नेताओं पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को जनहित के मुद्दों से ज्यादा विदेश यात्राओं में रुचि है और महत्वपूर्ण अवसरों पर वे सदन से गायब रहते हैं।
वहीं बांकीपुर चुनाव परिणाम को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी हार की निष्पक्ष समीक्षा कर रही है। पार्टी युवाओं की आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी कमियों को दूर करेगी और संगठन को और मजबूत बनाकर मजबूती से वापसी करेगी।
मंत्री के इस दौरे और घोषणाओं को श्रमिक वर्ग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर श्रमिकों के बच्चों के लिए मुफ्त प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग और प्रवासी श्रमिकों के लिए कम लागत में आवास व भोजन की योजना को लेकर श्रमिक परिवारों में उम्मीद जगी है।
वीडियो:



Post a Comment