Kaimur Top News: दूध का उत्पादन बढ़ा तो डेरी फार्मों ने खरीदने से क्या मना
कैमूर टॉप न्यूज,कैमूर: शाहाबाद में दूध का उत्पादन बढ़ा तो दूध की खरीद से डेयरी ने हाथ खड़े कर दिए हैं.दूध के अधिक उत्पादन की वजह से 2 जनवरी की शाम व 3 जनवरी की सुबह शाहाबाद डेयरी ने किसानों व दुग्ध उत्पादकों से दूध नही लिया तो पुनः इस सप्ताह के 8 जनवरी की शाम व 9 जनवरी की सुबह दूध लेना बंद कर दिया है. जब तक दूध की खपत में बढ़ोतरी नही होगी तब तक 14 की बजाय 12 कलेक्शन ही दूध लिया जाएगा.स्थिति यही रही तो किसानों के लाखों रुपये का दूध बर्बाद होता रहेगा. आंकड़े के मुताबिक शाहाबाद डेयरी में सबसे अधिक दूध उत्पादन कैमूर में होता है.वर्तमान में पूरे शाहाबाद में सवा तीन लाख लीटर दूध का उत्पादन हर रोज किया जाता है.लेकिन खपत महज सवा लाख लीटर की ही हो पा रही है.नतीजन शाहाबाद डेयरी ने सप्ताह के 14 कलेक्शन के आलावा अब 12 कलेक्शन ही कर पा रही है.पिछले सप्ताह शाहाबाद डेयरी शनिवार शाम व रविवार सुबह शाहाबाद के चार जिला रोहतास, बक्सर, कैमूर व भोजपुर में कलेक्शन बन्द रहा. समितियों पर दूध का कलेक्शन बन्द रहने से दूध उत्पादकों का लाखो लीटर दूध बर्बाद होने की वजह से लाखों का नुकसान है. पशुपालक मायूस हो लौटते नजर आए.
दुग्ध उत्पादन की क्षमता बढ़ गई है
कैमूर डेयरी के मैनेजर ने बताया कि वर्तमान में दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ गई है. जबकि खपत की क्षमता में कोई इजाफा नही हुआ. कैमूर में हर रोज मिनिमम 55से 60 हजार लीटर दूध का उत्पादन होता है जबकि खपत अधिकतम 12 हजार लीटर की ही हो पा रही है.उधर, शाहाबाद डेयरी के मैनेजर जितेंद्र सिंह ने बताया कि जब तक दूध की खपत नही बढ़ेगी तब तक ये समस्या आती रहेगी.
रामगढ़ का दूध उत्पादन पहले पायदान पर
रामगढ़ में समितियों को संचालन करने वाले सदस्यों ने बताया कि सरकार दूध उत्पादन के क्षेत्र में बेहतरी की बात कहती है. किसान व पशुपालकों के द्वारा मेहनत कर ज्यादा से ज्यादा दूध उत्पादन किया जाता है.रामगढ़ के किसानों व पशुपालकों के मेहनत का नतीजा है कि पूरे शाहाबाद में रामगढ़ का दूध उत्पादन में पहला स्थान है. कैमूर जिले से जितना दूध उत्पादन कर शाहाबाद डेयरी को दिया जाता है उसमें से 65 फीसदी दुध का उत्पादन रामगढ़ के दूध उत्पादकों के द्वारा किया जाता है.




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