Kaimur Top News: ठकुरा गांव स्थित मां काली स्थान के समीप भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन
कैमूर टॉप न्यूज़,कैमूर: रामगढ़ प्रखंड के सिझुआं पंचायत के ठकुरा गांव स्थित मां काली स्थान के समीप भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में श्रद्धालु डुबकी लगा रहे हैं.यज्ञ के तीसरे दिन गुरुवार को कथा वाचक वाराणसी के विद्वान आचार्य डॉ. पुंडरीक शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के सभी लीलाओं का बखान किए तथा इस कथा की व्याख्या कर कहे श्रीमद्भागवत की कथा देव दुर्लभ है. इस कथा के विषय विस्तृत रूप से बताया कि हे सोना का है.शौनक आदि विषयों यही कथा राजा परीक्षित और सुखदेव जी के बीच में हुई थी. जब इस कथा को सुनाने के लिए महामुनि सुखदेव जी सुखताल पर विराजित हुए तब राजा परीक्षित सोता बन कर के बैठ कथा का श्रवण किए. तब देवता लोग अमृत का कलश लेकर वहां पहुंच गए.आचार्य पुंडरीक शास्त्री ने कहा भगवान की यह कथा क्रय विक्रय के माध्यम से नहीं ली जाती है.
भगवान की कथा तो संवाद और आस्था से प्राप्त होती है.जिसमें वेद पुराण का मीठा फल समाहित होता है.इसको ध्यान मग्न होकर ग्रहण करने पर सब भव बाधाएं दूर हो जाती है.भगवान भाव के भुखे हैं उनका चरित्र श्रद्धा और विश्वास के माध्यम से ही प्राप्त होता है. जब तक श्रद्धा नहीं तब तक कथा प्राप्त होने वाली नहीं है.भागवत की कथा शरद कुमार ने देवर्षि नारद जी को सुनाई गई थी. जिसके माध्यम से भक्ति महारानी के दुख का निवारण हुआ. उन्होंने यह भी बताया कि भागवत कथा में गायत्री मंत्र का भी उल्लेख है. साधन व साधक के तौर पर जानी जाती है.
भागवत की कथा :-
भगवान को प्राप्त करने का दुनिया में भागवत से श्रेष्ठ कोई साधन नहीं है.यही कारण है कि परमेश्वर ने भी भगवान को भागवत कथा का उपदेश दिया था। यज्ञ के मुख्य यजमान विद्या सागर मिश्र रहे. संचालन नगेन्द्र यादव द्वारा किया गया. संगीतमयी कथा में तबले पर चंदन तिवारी, आर्गन पर योगेश मिश्र, कोरस पर करूणा पाण्डेय व नाल पर बिगन सभी वाराणसी घराना ने संगत किया.
इस दौरान पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि राकेश गुप्ता, दामोदर यादव, दयाशंकर तिवारी आदि लोगों ने बढ़ चढ़कर सहयोग कर रहे हैं. कथा ज्ञान यज्ञ के बाद रात्रि में वृंदावन की रासलीला का लोग आनंद उठा रहे हैं.






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